12 साल में बदला भारत का Economic DNA: नॉर्वे के बिजनेस लीडर्स से पीएम मोदी ने कही बड़ी बात, निवेश और ग्रीन एनर्जी पर जोर

 

12 साल में बदला भारत का Economic DNA: नॉर्वे के बिजनेस लीडर्स से पीएम मोदी ने कही बड़ी बात, निवेश और ग्रीन एनर्जी पर जोर

भारत-नॉर्वे साझेदारी को नई दिशा देने वाला दौरा

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 18 मई 2026 को नॉर्वे के बिजनेस, रिसर्च और इंडस्ट्री लीडर्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में भारत की बदलती आर्थिक ताकत और निवेश के अवसरों को दुनिया के सामने रखा। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत का “Economic DNA” पूरी तरह बदल चुका है और देश अब दुनिया की सबसे भरोसेमंद अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से उभर रहा है।

नॉर्वे की राजधानी में आयोजित इस उच्चस्तरीय बिजनेस मीटिंग में ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, समुद्री सेवाएं, फर्टिलाइजर, फूड प्रोसेसिंग, रोबोटिक्स, हेल्थकेयर और रिसर्च सेक्टर से जुड़े कई बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कार्यक्रम ने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई मजबूती देने का संकेत दिया।




पीएम मोदी बोले – Reform, Perform और Transform ने बदला भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने बीते 12 वर्षों में व्यापक आर्थिक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने टैक्सेशन, लेबर कोड, मैन्युफैक्चरिंग और गवर्नेंस में नेक्स्ट-जेनरेशन रिफॉर्म लागू किए हैं जिससे व्यापार करना आसान हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा:

“Reform, Perform और Transform के मंत्र के साथ भारत आगे बढ़ रहा है। पिछले 12 वर्षों में हमने भारत का Economic DNA पूरी तरह बदल दिया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार compliance burden कम कर रही है ताकि विदेशी निवेशकों को भारत में कारोबार शुरू करने और विस्तार करने में आसानी हो।


भारत बना निवेश का सबसे बड़ा ग्लोबल सेंटर

प्रधानमंत्री ने नॉर्वे के उद्योगपतियों को भारत में निवेश के लिए खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक मार्केट नहीं बल्कि Innovation और Manufacturing Hub बन चुका है।

पीएम मोदी ने बिजनेस लीडर्स से कहा:

“आप अपने विजन और एम्बिशन को बड़ा करें। भारत में अवसरों की कोई कमी नहीं है।”

उन्होंने विशेष रूप से इन सेक्टर्स में निवेश की संभावनाएं गिनाईं:

  • ग्रीन एनर्जी

  • ऑफशोर विंड

  • ग्रीन हाइड्रोजन

  • ग्रीन अमोनिया

  • शिपबिल्डिंग

  • मैरीटाइम टेक्नोलॉजी

  • हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी

  • फूड प्रोसेसिंग

  • रोबोटिक्स

  • रिसर्च और स्टार्टअप्स


भारत और नॉर्वे मिलकर सुलझा रहे ग्लोबल चुनौतियां

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया food, fuel और fertilizer security जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और नॉर्वे मिलकर इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और नॉर्वे के बीच साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है बल्कि यह sustainable future बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।


TEPA Agreement बना भारत-यूरोप रिश्तों का नया अध्याय

पीएम मोदी ने अपने भाषण में अक्टूबर 2025 में लागू हुए Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) का भी उल्लेख किया। यह समझौता भारत और European Free Trade Association (EFTA) देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा:

“यह केवल ट्रेड एग्रीमेंट नहीं बल्कि Talent, Technology और Mutual Trust का Agreement है।”

इस समझौते से भारत और यूरोप के बीच निवेश, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।


शिपबिल्डिंग सेक्टर पर पीएम मोदी का बड़ा विजन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से Shipbuilding और Maritime Services का ग्लोबल हब बन रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल नॉर्वे के लगभग 10% जहाज भारत में बनाए जाते हैं।

उन्होंने सवाल उठाया:

“क्या हम अगले 5 वर्षों में इसे 25% तक बढ़ा सकते हैं?”

पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि भारत की तेज़ी से विकसित होती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।


Green Shipping और MRO सेक्टर में बड़ा मौका

भारत अब केवल जहाज निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि Green Shipping और MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) सेक्टर में भी वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सरकार की नई नीतियां विदेशी कंपनियों को भारत में:

  • Ship Repair Facilities

  • Marine Engineering

  • Smart Ports

  • Sustainable Shipping

  • Green Fuel Infrastructure

जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षित कर रही हैं।


रिसर्च और स्टार्टअप सहयोग पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे के रिश्ते अब “Lab to Lab”, “University to University” और “Scientist to Scientist” पार्टनरशिप की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इससे दोनों देशों के:

  • Startup Ecosystem

  • Innovation Network

  • Higher Education Collaboration

  • Deep Tech Research

को मजबूत करने में मदद मिलेगी।


कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां हुईं शामिल?

इस उच्चस्तरीय बैठक में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया जिनकी कुल मार्केट वैल्यू लगभग 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है।

प्रमुख कंपनियां:

  • Equinor – तेल, गैस और ऑफशोर विंड में ग्लोबल लीडर

  • Yara International – ग्रीन अमोनिया और फर्टिलाइजर कंपनी

  • Orkla – FMCG और फूड ब्रांड्स

  • Kongsberg Gruppen – मैरीटाइम टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स

  • DNV – रिस्क मैनेजमेंट और एनर्जी ट्रांजिशन

  • Jotun – पेंट्स और कोटिंग्स

  • Aker Solutions – एनर्जी इंजीनियरिंग

  • BW LPG – दुनिया की सबसे बड़ी LPG शिपिंग कंपनियों में से एक

  • Laerdal Medical – हेल्थकेयर ट्रेनिंग और मेडिकल सिमुलेशन


भारत क्यों बन रहा दुनिया का भरोसेमंद Economic Partner?

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की स्थिर नीतियां, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, विशाल युवा आबादी और तेजी से बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

भारत में:

  • GST सुधार

  • Digital India

  • Make in India

  • Startup India

  • PLI Scheme

  • Ease of Doing Business सुधार

जैसी योजनाओं ने वैश्विक कंपनियों का भरोसा बढ़ाया है।


नॉर्डिक देशों के लिए भारत क्यों खास?

नॉर्डिक देश लंबे समय से ग्रीन टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और समुद्री कारोबार में अग्रणी रहे हैं। वहीं भारत दुनिया का सबसे बड़ा उभरता हुआ बाजार है। ऐसे में दोनों पक्षों की साझेदारी आने वाले वर्षों में नई आर्थिक ताकत बन सकती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • भारत को टेक्नोलॉजी और निवेश मिलेगा

  • नॉर्वे को बड़ा बाजार और मैन्युफैक्चरिंग बेस मिलेगा

  • ग्रीन एनर्जी सेक्टर में नई क्रांति आ सकती है


स्वीडन यात्रा के बाद नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले Sweden की यात्रा पर थे जहां उन्हें सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके बाद वे नॉर्वे पहुंचे और वहां बिजनेस समुदाय के साथ व्यापक चर्चा की।

इस दौरे को भारत-नॉर्डिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


भारत की नई आर्थिक पहचान

प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे ने यह साफ संकेत दिया है कि भारत अब केवल विकासशील देश नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। भारत अब:

  • Global Manufacturing Hub

  • Green Energy Leader

  • Startup Powerhouse

  • Trusted Economic Partner

के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।


निष्कर्ष

नॉर्वे के बिजनेस लीडर्स के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक केवल निवेश चर्चा नहीं थी, बल्कि यह भारत की बदलती वैश्विक आर्थिक स्थिति का मजबूत संदेश भी थी। भारत अब दुनिया को केवल बाजार नहीं बल्कि भरोसेमंद साझेदार, टेक्नोलॉजी पार्टनर और भविष्य की आर्थिक शक्ति के रूप में दिखाई दे रहा है।

आने वाले वर्षों में भारत और नॉर्वे की साझेदारी ग्रीन एनर्जी, शिपिंग, रिसर्च और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव ला सकती है। पीएम मोदी का “Economic DNA” वाला बयान इसी बदलते भारत की तस्वीर पेश करता है।