30 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी खतौनी की जांच के बाद ही होगी जमीन की रजिस्ट्री - योगी कैबिनेट



अब खतौनी की जांच के बाद ही होगी जमीन की रजिस्ट्री: योगी कैबिनेट ने 30 बड़े प्रस्तावों को दी मंजूरी

10 मार्च 2026 | लखनऊ | उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी कैबिनेट बैठक

उत्तर प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों में लंबे समय से चल रही धोखाधड़ी और विवादों को रोकने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार 10 मार्च 2026 को लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कुल 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई।

इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर लिया गया है। अब राज्य में किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और राजस्व रिकॉर्ड की जांच अनिवार्य होगी। सरकार का मानना है कि इस नए नियम से जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े, अवैध कब्जे और धोखाधड़ी के मामलों में भारी कमी आएगी।

इसके अलावा कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, ओला-उबर जैसी कंपनियों के लिए नया नियम, सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में बदलाव, आवास विभाग की ओटीएस योजना, नए शहरों के विकास, अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मेरठ में लॉजिस्टिक्स क्लस्टर सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

30 बड़े प्रस्तावों को दी मंजूरी




जमीन की रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े विवाद अक्सर देखने को मिलते रहे हैं। कई मामलों में फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन बेचने या एक ही जमीन को कई लोगों को बेचने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए नया नियम लागू करने का फैसला किया है।

अब नई व्यवस्था के तहत:

  • जमीन की रजिस्ट्री से पहले खतौनी की जांच होगी

  • स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य होगा

  • राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा

इस प्रक्रिया के बाद ही जमीन की रजिस्ट्री संभव होगी।

सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों को जमीन खरीदते समय सुरक्षा मिलेगी और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।


आम नागरिकों को मिलेगा बड़ा लाभ

नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन खरीदने वाले लोगों को कई तरह के फायदे मिलेंगे।

1. फर्जी रजिस्ट्री पर रोक

कई बार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कर दी जाती थी। अब खतौनी सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्री होने से इस तरह के मामलों पर रोक लगेगी।

2. जमीन विवाद कम होंगे

राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर स्वामित्व की पुष्टि होने से भविष्य में होने वाले विवाद कम होंगे।

3. खरीदार का पैसा सुरक्षित रहेगा

नई व्यवस्था से जमीन खरीदने वाले लोगों को भरोसा मिलेगा कि वे सही व्यक्ति से जमीन खरीद रहे हैं।


मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को मंजूरी दी गई है।

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के लगभग 12,200 दूर-दराज के गांवों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • 28 सीटर छोटी बसें चलाई जाएंगी

  • गांव से जिला मुख्यालय तक सीधी बस सेवा होगी

  • छात्रों, किसानों और मरीजों को यात्रा में सुविधा मिलेगी

परिवहन विभाग के अनुसार बसें रात में गांवों में रुकेंगी और सुबह जिला मुख्यालय की ओर रवाना होंगी।

इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी।


ओला-उबर कंपनियों के लिए नया नियम

राज्य सरकार ने ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए भी नया नियम लागू करने का फैसला लिया है।

अब ओला, उबर और अन्य एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य में संचालन के लिए परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

नया शुल्क ढांचा

  • आवेदन शुल्क – ₹25,000

  • कंपनी आवेदन शुल्क – ₹5,00,000

  • रिन्यूअल शुल्क – ₹5,000

  • रिन्यूअल अवधि – 5 साल

इस नियम का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और टैक्सी सेवाओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना है।


सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली सख्त

कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली को भी सख्त बनाने का फैसला लिया गया है।

नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई कर्मचारी अपने दो महीने के मूल वेतन से अधिक कीमत की चल संपत्ति खरीदता है तो उसे इसकी जानकारी अपने विभाग को देनी होगी।

इसमें शामिल हैं:

  • वाहन

  • सोना

  • अन्य निवेश

इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी छह महीने के वेतन से अधिक पैसा शेयर बाजार में निवेश करता है तो उसे भी इसकी घोषणा करनी होगी।

सरकार का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।


आवास विभाग की वन टाइम सेटलमेंट योजना

राज्य सरकार ने आवास विभाग के अंतर्गत आने वाले विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद के डिफॉल्टरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना शुरू करने का फैसला लिया है।

इस योजना से लगभग 19 हजार लोगों को राहत मिलेगी।

इनमें वे लोग शामिल हैं जो ब्याज और जुर्माने के कारण अपने बकाया का भुगतान नहीं कर पा रहे थे।

नई योजना के तहत उन्हें तीन महीने के भीतर बकाया राशि जमा करने का मौका मिलेगा।


पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नई नीति और दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी है।

इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत:

  • किफायती आवास परियोजनाएं शुरू होंगी

  • किराये के किफायती मकान बनाए जाएंगे

इससे शहरों में रहने वाले लाखों लोगों को सस्ते घर मिल सकेंगे।


आठ शहरों के विकास के लिए बजट मंजूर

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत सरकार ने आठ शहरों में विकास कार्यों के लिए बजट स्वीकृत किया है।

इन शहरों में शामिल हैं:

  • बरेली

  • वाराणसी

  • उरई

  • चित्रकूट

  • बांदा

  • प्रतापगढ़

  • गाजीपुर

  • मऊ

इन शहरों में नई सड़कें, आवास परियोजनाएं और अन्य शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।


अयोध्या में बनेगा आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

कैबिनेट ने अयोध्या के वशिष्ठ कुंड क्षेत्र में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

यह परियोजना अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ खेल गतिविधियों का भी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में:

  • क्रिकेट मैदान

  • फुटबॉल ग्राउंड

  • इंडोर स्पोर्ट्स हॉल

जैसी सुविधाएं होंगी।


मेरठ में बनेगा लॉजिस्टिक्स क्लस्टर

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर स्थापित किया जाएगा।

यह परियोजना अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत शुरू की जाएगी।

इससे:

  • उद्योगों को नई सुविधाएं मिलेंगी

  • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

  • क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी


कानपुर ट्रान्सगंगा सिटी के लिए नया पुल

कानपुर में ट्रान्सगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर चार लेन का पुल बनाया जाएगा।

इस परियोजना से औद्योगिक क्षेत्र और शहर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।


बुंदेलखंड में डेयरी प्लांट परियोजना

बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई डेयरी परियोजना को मंजूरी दी गई है।

इसके तहत:

  • बांदा में 20 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट बनेगा

  • झांसी के प्लांट का विस्तार किया जाएगा

इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।


खनन क्षेत्र में ई-नीलामी प्रणाली

सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए ई-नीलामी प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है।

इस प्रक्रिया के लिए:

  • MSTC लिमिटेड को ई-नीलामी प्लेटफॉर्म बनाया गया है

  • SBI कैपिटल मार्केट्स को ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया गया है

इससे खनन पट्टों की प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।


भिक्षावृत्ति प्रतिषेध कानून में संशोधन

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम 1975 की धारा 21 में संशोधन को भी मंजूरी दी है।

इसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति की समस्या को नियंत्रित करना और जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था को मजबूत करना है।


उपभोक्ता संरक्षण नियमों में बदलाव

कैबिनेट ने राज्य और जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी है।

इससे उपभोक्ता शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज होगी।


उत्तर प्रदेश में विकास को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले राज्य के विकास को नई दिशा देंगे।

जमीन की रजिस्ट्री में पारदर्शिता, ग्रामीण परिवहन व्यवस्था, औद्योगिक विकास और आवास योजनाओं जैसे फैसलों का असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा।


निष्कर्ष

10 मार्च 2026 को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक राज्य के प्रशासनिक सुधार और विकास योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सबसे बड़ा फैसला जमीन की रजिस्ट्री से पहले खतौनी जांच अनिवार्य करना है, जिससे जमीन से जुड़े विवादों और धोखाधड़ी पर लगाम लगने की उम्मीद है।

इसके साथ ही ग्रामीण परिवहन योजना, आवास योजनाएं, औद्योगिक विकास परियोजनाएं और प्रशासनिक सुधारों के जरिए सरकार राज्य को विकास की नई दिशा देने की कोशिश कर रही है।

आने वाले समय में इन फैसलों का असर प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन पर दिखाई देगा।