📰 अजित पवार का अंतिम संस्कार: बारामती में उमड़ा जनसैलाब, देशभर से नेताओं ने दी अंतिम विदाई
Ajit Pawar Last Rites: Baramati Mourns as Nation Bids Farewell to Maharashtra’s Deputy Chief Minister
📅 Date: 29 January 2026
🟢 प्रस्तावना: महाराष्ट्र की राजनीति में शोक का दिन
महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार अब पंचतत्व में विलीन हो गए। बारामती की धरती, जिसे उन्होंने अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया था, आज अपने ‘दादा’ को अंतिम विदाई दे रही थी। हजारों समर्थकों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की आंखें नम थीं, तो देशभर के राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अजित पवार का निधन एक भीषण विमान हादसे में हुआ, जिसने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। (Reuters)
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अंतिम विदाई |
✈️ विमान हादसा: कैसे हुआ दर्दनाक दुर्घटना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अजित पवार जिस निजी विमान से यात्रा कर रहे थे, वह मुंबई से बारामती जा रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान में आग लग गई और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार अन्य लोग भी मारे गए। (Reuters)
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान रनवे के पास आग की लपटों में घिर गया और विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे बचाव कार्य लगभग असंभव हो गया। (Reuters)
इस दुर्घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है, क्योंकि अजित पवार राज्य की राजनीति के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। (The Guardian)
🕊️ राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
29 जनवरी 2026 को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। हजारों लोग सुबह से ही अंतिम दर्शन के लिए मैदान के बाहर जमा थे।
उनके पार्थिव शरीर को पहले अस्पताल से मैदान लाया गया, जहां परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं और आम जनता ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। (The Times of India)
👨👩👦 बेटे पार्थ पवार ने दी मुखाग्नि
अंतिम संस्कार के दौरान भावुक क्षण तब आया जब अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। पूरे वातावरण में शोक और भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और समर्थक इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए।
🏛️ अंतिम विदाई में पहुंचे देश के बड़े नेता
अजित पवार के अंतिम संस्कार में देश और राज्य के कई प्रमुख नेता पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
राज्य के मंत्री, सांसद और विधायक
राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता
ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। (The Times of India)
इसके अलावा, विभिन्न राज्यों के नेताओं और राजनीतिक हस्तियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। (The Times of India)
🏙️ बारामती में उमड़ा जनसैलाब
बारामती, जो अजित पवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, उनके अंतिम संस्कार के दौरान शोक में डूबा नजर आया।
सड़कों पर हजारों लोग ‘दादा’ को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे।
स्थानीय लोगों का कहना था कि अजित पवार सिर्फ नेता नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास का प्रतीक थे।
🧭 अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे।
वे छह बार उपमुख्यमंत्री रह चुके थे और उन्हें शरद पवार का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता था। (The Guardian)
2023 में उन्होंने एनसीपी के एक धड़े के साथ अलग होकर भाजपा के साथ गठबंधन किया, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। (The Guardian)
⚖️ महाराष्ट्र की राजनीति पर प्रभाव
अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शक्ति संतुलन बदल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनके जाने से एनसीपी और राज्य की राजनीति में नेतृत्व संकट पैदा हो सकता है। (The Guardian)
🕯️ तीन दिन का राजकीय शोक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया।
इस दौरान सरकारी कार्यक्रम स्थगित किए गए और राज्यभर में शोक सभाएं आयोजित की गईं। (The Times)
💬 देशभर से श्रद्धांजलि
अजित पवार के निधन पर देशभर से नेताओं और आम लोगों ने श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “जनता का नेता” बताया और उनके योगदान को याद किया। (The Guardian)
🔍 विमान हादसे की जांच
विमान दुर्घटना की जांच नागरिक उड्डयन एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
हादसे के कारणों को लेकर तकनीकी खराबी, मौसम और अन्य पहलुओं पर जांच चल रही है। (NDTV India)
🧠 राजनीतिक विरासत और जनता की भावना
अजित पवार को महाराष्ट्र में “दादा” के नाम से जाना जाता था।
वे विकास, प्रशासन और राजनीति के मजबूत नेता के रूप में पहचाने जाते थे। (The Times)
उनके निधन ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को गहरे दुख में डाल दिया है।
📌 निष्कर्ष: एक युग का अंत
अजित पवार का निधन केवल एक नेता का जाना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का अंत है।
उनकी राजनीतिक विरासत, प्रशासनिक क्षमता और जनसंपर्क को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
बारामती की मिट्टी में आज सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधि पंचतत्व में विलीन हो गया।
