🇮🇳 India’s Strong Stand at SCO Summit: Jaishankar Warns ‘No Excuses for Terrorism’ in Powerful Russia Address
Latest India News Article – 18 नवम्बर 2025
⭐ प्रस्तावना: SCO में भारत की मजबूत गूंज
18 नवम्बर 2025 की इस बड़ी news में भारत ने रूस में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में अपनी कूटनीतिक शक्ति का प्रभावी प्रदर्शन किया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंच से आतंकवाद के मुद्दे पर ऐसा स्पष्ट और अडिग संदेश दिया, जिसने न सिर्फ सम्मेलन में मौजूद नेताओं बल्कि पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस article में हम विस्तार से विश्लेषण कर रहे हैं कि जयशंकर का यह बयान इतना चर्चित क्यों हुआ, इसके राजनीतिक और वैश्विक सुरक्षा पर क्या व्यापक परिणाम हो सकते हैं, और यह भाषण भारत की विदेश नीति को कैसे नई दिशा देता है।
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⭐ निर्णायक शब्द – "No excuses, No justification, No looking away"
इस news article का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था जयशंकर के भाषण का केंद्र—
“There are no excuses for terrorism. No justification. No looking away.”
यह बयान न केवल भारत की सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि भारत अब आतंकवाद के मुद्दे पर किसी प्रकार का राजनीतिक संतुलन या राजनयिक नरमी नहीं अपनाएगा।
उनका यह कहना कि दुनिया अब आतंकवाद को ‘खतरा’ नहीं, बल्कि ‘अंतरराष्ट्रीय महामारी’ के रूप में देखे—पूरे SCO हॉल में गहराई तक महसूस किया गया।
⭐ रूस में SCO 2025 क्यों बना भारत के लिए ऐतिहासिक?
इस news article के अनुसार रूस में आयोजित SCO Summit इस बार कई कारणों से भारत के लिए ऐतिहासिक रहा।
एक ओर रूस और पश्चिमी देशों के बीच भू-राजनीतिक तनाव है, दूसरी ओर एशिया का सुरक्षा परिदृश्य लगातार बदल रहा है। ऐसे समय में भारत का यह साहसिक रुख क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
SCO 2025 में भारत की प्राथमिकताएँ थीं:
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आतंकवाद पर स्पष्ट संयुक्त नीति
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सीमा सुरक्षा पर सहयोग
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ऊर्जा, व्यापार और डिजिटल कनेक्टिविटी पर चर्चा
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बहुपक्षीय समूहों में भारत की आवाज मजबूती से रखना
यह article news बताता है कि इस मंच पर भारत अब केवल एक भागीदार नहीं, बल्कि निर्णय निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
⭐ आतंकवाद पर भारत का दो-टूक रुख – किसी भी देश को नहीं मिलेगी छूट
जयशंकर ने मंच से जोर देकर कहा कि आतंकवाद को धर्म, राजनीति या वैचारिक ढाल के पीछे छुपाकर कोई भी देश जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
इस news article से यह संदेश साफ निकलकर आता है कि भारत अब किसी भी देश द्वारा अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद को समर्थन देने पर वैश्विक स्तर पर आवाज उठाने से नहीं हिचकेगा।
उनका यह कहना—
“Safe Havens must end, cross-border terrorism must stop, and financial support to terrorists must be dismantled.”
पूरे सम्मेलन में सबसे मजबूत शब्दों में माना गया।
⭐ रूस–भारत सुरक्षा सहयोग: क्या नया अध्याय शुरू?
इस महत्वपूर्ण news article के दौरान भारत और रूस की नजदीकियों पर भी दुनिया की निगाहें रहीं।
SCO 2025 में दोनों देशों ने सुरक्षा, खुफिया सहयोग और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में अपने रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
रूस और भारत ने इन मुद्दों पर विशेष रूप से सहमति बनाई:
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आतंकवाद विरोधी संयुक्त अभ्यास
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साइबर सुरक्षा पर साझा ढांचा
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सीमा सुरक्षा पर तकनीकी समाधान
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ड्रोन और AI ఆధारित रक्षा प्रणाली पर वार्ता
यह article news दर्शाता है कि भारत-रूस साझेदारी आने वाले वर्षों में और भी व्यावहारिक और मजबूत होगी।
⭐ पाकिस्तान और चीन पर अप्रत्यक्ष असर
हालांकि जयशंकर ने अपने भाषण में किसी भी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन इस news article में यह बात स्पष्ट है कि उनके विचारों का सीधा संकेत उन देशों की ओर था जिन पर आतंकवादियों को शरण देने या समर्थन करने के आरोप लगते हैं।
भारत ने बहुत संयमित और राजनयिक भाषा में यह संदेश दिया:
आतंकवाद किसी की विदेश नीति या सामरिक साधन नहीं बन सकता।
यह बयान भविष्य में भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में नई बहसें भी शुरू कर सकता है।
⭐ SCO सदस्य देशों की प्रतिक्रिया – भारत के रुख को मिला समर्थन
इस article news के अनुसार रूस, उज्बेकिस्तान, कजाखिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देशों ने भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाई गई चिंताओं को सही ठहराया।
कई देशों ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भारत का नेतृत्व आवश्यक है।
चीन ने भी “आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक दृष्टिकोण” की बात की, हालांकि भारत और चीन के बीच भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए विशेषज्ञ इसे सावधानीपूर्ण बयान मान रहे हैं।
⭐ आतंकवाद के नए रूप – जयशंकर का वैश्विक चेतावनी संदेश
इस news article के अनुसार जयशंकर ने सिर्फ पारंपरिक आतंकवाद ही नहीं, बल्कि इसके नए रूपों पर भी चिंता जताई।
उन्होंने विशेष रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान खींचा:
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साइबर-टेररिज़्म
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ड्रोन आधारित हमले
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क्रिप्टो फंडिंग
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डिजिटल प्रचार अभियान
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग
भारत ने कहा कि दुनिया को इन नए खतरों से निपटने के लिए तुरंत एक “Global Security Framework” की आवश्यकता है।
⭐ भारत की घरेलू नीति और SCO मंच की समानता
इस news article में यह साफ है कि भारत की घरेलू नीति—चाहे वह NIA की कार्रवाई हो, UAPA जैसे कड़े कानून हों, या सीमा पार से आतंकी गतिविधियों पर सैन्य जवाब—वैसे ही सिद्धांत SCO मंच पर भी दिखाई दे रहे हैं।
जयशंकर के संदेश ने यह स्पष्ट किया:
भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा उसके विदेश नीति के केंद्र में है।
⭐ भारत पर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की राय
भारत के भाषण को अंतरराष्ट्रीय थिंक-टैंक्स और सुरक्षा विशेषज्ञों ने बहुत सकारात्मक रूप से देखा।
इस news article के अनुसार कई विशेषज्ञों का मानना है कि:
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भारत वैश्विक सुरक्षा का नेतृत्व करने की दिशा में बढ़ रहा है
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आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की विश्वसनीयता बहुत मजबूत है
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भारत उन देशों के लिए चुनौती बन रहा है जो आतंकवाद को ‘रणनीतिक साधन’ की तरह उपयोग करते हैं
⭐ सोशल मीडिया पर जयशंकर की चर्चा – भारत ने दिया विश्व को संदेश
भारत में इस article news के बाद सोशल मीडिया पर जयशंकर के बयान की खूब सराहना हुई।
भारत के लाखों लोगों ने ट्वीट किया कि यह “भारत की मजबूत विदेश नीति” का प्रमाण है।
#NoExcusesForTerrorism
#IndiaAtSCOSummit
इन हैशटैग्स ने लगातार ट्रेंड किया।
⭐ SCO 2025 का निष्कर्ष – भारत की नई विदेश नीति का आरंभ
यह news article बताता है कि SCO 2025 में जयशंकर का भाषण केवल एक औपचारिक संबोधन नहीं था, बल्कि यह भारत की नई और अधिक आत्मविश्वासी विदेश नीति का उद्घोषण था।
इस भाषण के बाद तीन बातें स्पष्ट हैं:
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भारत आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं करेगा
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भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सुरक्षा चिंताओं को दृढ़ता से रखेगा
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भारत क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा ढांचे में नेतृत्व के लिए तैयार है
SCO Summit 2025 में भारत की आवाज सिर्फ सुनी नहीं गई—
बल्कि दुनिया ने इसे गंभीरता से स्वीकार किया।
